Go to content Go to menu
 


GREAT RAJPUT PERSONALITIES महान राजपूत व्यक्तित्व


RAJPUT PERSONALITIES    

राजपूतों की सूची

Maharana Pratap, a Sixteenth century Rajput ruler and great warrior of his time. Mughal emperor Akbar sent many missions against him; however, he survived and fought to his last breath. He ultimately gained control of all areas of Mewar, excluding the fort of Chittor.

राजपूत भारतीय उपमहाद्वीप भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की बहुत ही प्रभावशाली जाति है, जो शासन और सत्ता के करीब मानी जाती है. राजपूत सबसे युद्ध कुशल जाति मानी जाती है. अपनी युद्ध कुशल प्रवृति और शासन क्षमता के कारण राजपूतों ने काफी ख्याति पाई. देश के स्वतंत्रता के समय करीब छह सौ राज्यों में से चार सौ पर राजपूतों का शासन था. यहां भारत और पाकिस्तान के राजपूतों की एक आंशिक सूची दी जा रही है.

अनुक्रम

ऐतिहासक

Modern

National politics

  • Vishwanath Pratap Singh-The 10th Prime Minister of India. Former Finance Minister of India, also Served as Chief Minister Of Uttar Pradesh.
  • Chandra Shekhar - The 11th Prime Minister of India. Led Samajwadi Janata Party (Rashtriya)
  • Bhairon Singh Shekhawat - Former Vice President of India. Also served Three times Chief Minister Of Rajasthan from BJP party.
  • Bhakt Darshan(Singh Rawat)Former Union Minister Govt. of India. He is one of the few Indian politicians to have been the Minister for Defence, Finance and External Affairs.
  • Jaswant Singh - Leader of opposition, Rajya Sabha& Former Finance Minister of India
  • Arjun Singh - Senior Congress Leader. Minister for Human Resource and Development . Served 2 Times as chief Minister of Madhya Pradesh.
  • Anugrah Narayan Sinha - Eminent Freedom Fighter
  • Karan Singh - Congress Leader & First Governor of Jammu & kashmir
  • Maharani Gayatri Devi Won the constituency in the Lok Sabha in 1962 , 1967,1971.
  • Rajnath Singh - President of BJP. Also served as Chief minister of Uttar Pradesh.
  • Thakur Rajveer Singh-former member of parliament(Aonla, U.P.)
  • Digvijay Singh Former Chief Minister under Madhya Pradesh. He is the general secretary of the Samajwadi Party and a member of the Rajya Sabha.

State politics

  • CHM Piru Singh Shekhawat. Awarded Param Veer Chakra posthumously for gallantry of highest order, during the 1947 Indo-Pakistani war.
  • Major Shaitan Singh Bhati. Awarded the Param Vir Chakra, the highest gallantry award posthumously during the 1962 Indo-China war.[२]
  • Capt Gurbachan Singh Salaria. Awarded the Param Vir Chakra, the highest gallantry award posthumously.
  • Thakur Sher Singh Parmara[३]
  • Brigadier Ransher Singh Ranawat. Awarded the Kirti Chakra and Sena Medal for separate events during the 1971 India-East Pakistan/Bangladesh war.[४]

 Defence

thakur bhimsinghji sodha 1965 spesial ofisar of indian aarmy

 Sports

 Art, Culture, Cinema, Law & Fashion

 

 

Comments

Add comment

Overview of comments

rajpuths

(srinivasa, 2013-11-26 06:11)

UNITY & PEACE IS THE KEY TO SUCCESS : BE UNITED

(VENKATESH RAJPUT, B.TECH.(MECHANICAL ENGINEER), LL.B. S/O FREEDOM FIGHTER THAKUR LILA SINGH, 2013-10-07 19:31)

VENKATESH RAJPUT, B.TECH.(MECHANICAL ENGINEER), 2012-09-13 14:01)
" Kon kehta hai ki mit
gaye hein
"THAKUR"

Apne Aap mein
Apni Sarkar hai
"THAKUR"

Run Bhumi mei tej
talwar hai
"THAKUR"

"AUR" Kuchh Bhi Nahin to
yaron ka yar hai
"THAKUR"

Kami hai to sirf..
"EKTA" KI

Varna Sheron walimata
ke "SHER" Hai

"THAKUR"

"Ek bano..
Nek bano..
Shikshit Bano (BE UNITED, BE LITERATE i.e. highly qualified)
Nahin to Mit jayegi Hasti(KALYUGE SHANGHE SHAKTI)

FROM : VENKATESH RAJPUT, B.TECH.(mechanical engineer),LL.B. grandson of THAKUR LILA SINGH, FREEDOM FIGHTER, NOIDA, DISTT. GAUTAMBUDH NAGAR, U.P. Mobile: 9873143165

RAJPUT'S INTERNAL EGO

(BHARATSINHJI CHAUHAN, 2013-09-17 12:19)

Dear Rajput brothers of Hindustan,we shoud have to unite at India level & must be free from personal egoism

SWolanki Rajput

(kuldipsinh solanki, 2013-09-16 15:42)

kuldevi=kshemkalyani
Gotra=Bhardvaj

तोमर कुल देवी कहॉ और कोन है

(kuwar jeetu tomar (चॅन्‍द्रवशी), 2013-08-11 13:25)

महाभारत के मैदान में मॉं महाकाली और भगवती चामुण्डा , जिनने तोमर राजवंश का साथ दिया और रक्षा की , मॉं महाकाली चामुंडा देवी हरिसिद्धि को भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन उज्जैन से अपने साथ महाभारत युद्ध के लिये अपने साथ लेकर आये थे , लेकिन बीच रास्ते में अर्जुन अपने नाना महाराजा कुंतिभोज के यहॉं कुंतलपुर (वर्तमान कुतवार - मुरैना जिला म.प्र.) में भगवान श्री कृष्ण के साथ रूके , देवी की शर्त थी कि अर्जुन तुम मुझे जहॉं भी आह्वान स्मरण करोगे , मैं वहीं प्रकट हो जाऊँगी और वहीं से तुम्हारी मदद व रक्षा करूंगी , अपनी ननसार में विश्रााम करते वक्त महाराजा कुंतिभोज ने और उनके पुत्र ने अर्जुन व श्री कृष्ण के साथ देवी मॉं के होने की बात पर विश्वास नहीं कया और अर्जुन को उकसाते हुये कहा कि , आप लोगों के साथ देवी दिखाई तो दे ही नहीं रहीं , ऐसा कैसे हो सकता है कि आपके साथ देवी हों और हमें दिखाई न दें , अगर आपके साथ देवी हैं तो हमें भी उनका दर्शन करवाइये , भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इशारे से काफी रोका और समझाया , लेकिन बार बार महाराजा कुंतिभोज और उनके पुत्र द्वारा ताव दिलाये जाने पर आखिरकार अर्जुन जोश में आ गये और वहीं देवी का आह्वान कर उनके प्रकट होने व दर्शन देने की विनय की , जिस पर देवी वहीं प्रकट हो गयीं और सबको दर्शन दिये लेकिन कह दिया कि अर्जुन मैंनें ये शर्त रखी थी कि जहॉं भी तुम मुझे आह्वान करोगे मैं वहीं प्रकट हो जाऊँगीं और वहीं पर ही रह जाऊँगीं , इसलिये अब मैं यहीं रहूंगीं , इससे आगे नहीं जाऊँगीं और यहीं से ही यहॉं रहकर ही युद्ध में तुम्हारी मदद और रक्षा करूंगीं , यद्यपि अर्जुन को अपनी भूल पर काफी पश्चाताप और विषाद हुआ , लेकिन देवी ने अपना वचन निभाया और युद्ध में पांडवों की सहायता और रक्षा की , इसलिये अर्जुन और श्रीकृष्ण ने विधिवत देवी की यहॉं स्थापना की और महाराजा कुंतिभोज ने यह मंदिर अर्जुन व श्रीकृष्ण की अनुमति से बनवाया

गोरव साली तोमरों का य‍ह कुछ ईतिहास

(kuwar jeetu, 2013-08-11 13:19)

ग्‍वालियर 20 जून 10, इस वर्ष 18 जून को हल्‍दी घाटी युद्ध की 425 वीं वर्ष गांठ थी । हल्‍दी घाटी के मैदान में महाराणा प्रताप के साथ महाराणा प्रताप की ओर से युद्ध करते हुये ग्‍वालियर के तत्‍कालीन महाराजा रामशाह सिंह तोमर अपने तीन पुत्रों व एक पौत्र (नाती) के साथ वीरगति को प्राप्‍त हो शहीद हो गये थे । हल्‍दीघाटी के मुख्‍य मैदान में मेवाड़ के तत्‍कालीन शासक महाराणा प्रताप के पौत्र महाराजा कर्ण सिंह ने महाराजा रामशाह सिंह तोमर (तंवर) और उनके पुत्रों व पौत्र की छत्रियॉं (स्‍मारक) उसी स्‍थान पर रक्‍त तलैया - खणमौर में निर्मित कराये , यह स्‍थान हल्‍दी घाटी का मैदान , उदयपुर राजस्‍थान के निकट है । झाला मान सिंह ने महाराणा का बाना व वेशभूषा धारण कर महाराणा प्रताप को युद्ध से निकाल दिया, तोमर महाराजा रामशाह सिंह तोमर की फौज ने हल्‍दी घाटी युद्ध पर लगभग विजय प्राप्‍त कर ली थी और अकबर की फौज की कई टुकडि़यों को वापस भागने पर मजबूर कर दिया किन्‍तु झाला मान सिंह द्वारा महाराणा प्रताप को युद्ध क्षेत्र से बाहर हटा देने से युद्ध के परिणाम बदल गये और तत्‍कालीन ग्‍वालियर महाराज रामशाह सिंह तोमर अपने पुत्रों व पौत्र एवं फौज के साथ वीरगति प्राप्‍त होने तक युद्ध करते रहे । महाराज रामशाह सिंह तोमर के पुत्रों के नाम शालिवाहन सिंह, भवानी सिंह एवं प्रताप सिंह थे । हल्‍दीघाटी के मैदान में कुल 450 लोग शहीद हुये जिसमें अकेले ग्‍वालियर साम्राज्‍य के ही कुल 322 वीर तंवर (तोमर) राजपूत थे । महाराणा प्रताप ग्‍वालियर के तोमर राजवंश के रिश्‍तेदार थे । दिल्‍लीपति महाराजा अनंग पाल सिंह तोमर के पौत्र सुल्‍तानशाह (सुल्‍तानसाय) के बेटे अर्थात महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर के प्रपौत्र कंवर सिंह को चित्‍तौड़गढ़ के महाराजा राणा रतन सिंह सिसौदिया की पुत्री राजकुमारी हेमावती ब्‍याहीं थीं । जिसके वंशज ग्‍वालियर महाराजा रामशाह सिंह तोमर थे । स्‍वयं महाराजा रामशाह सिंह तोमर की एक महारानी महाराणा प्रताप की बहिन थीं इस प्रकार महाराजा रामशाह सिंह तोमर स्‍वयं भी महाराणा प्रताप के बहनोई थे । महाराजा रामशाह सिंह तोमर और उनके पुत्रों व पौत्र की हल्‍दीघाटी में शहादत के बाद ग्‍वालियर के किले पर तोमर शासक की 101 महारानीयों ने कजराई तीज को जौहर किया । जिसके बाद से तंवर (तोमर) राजपूतों में कजराई तीज नहीं मनाई जाती । चित्र में शालिवाहन सिंह तोमर की छत्री (स्‍मारक) एवं शिलालेख, छत्री पर हुकुम साहब कर्नल वीरेन्‍द्र तंवर जी बैठे हुये हैं , यह दुर्लभ चित्र उन्‍हीं के द्वारा हमें प्राप्‍त हो सके हैं ।

AKSHATRYA SHER

(PARDEEP RAJPUT PHARAL (KAITHAL)HARYANA MY CONTACT NO9355708976, 2013-07-23 17:36)

jai rajputana

(mohit rajput, 2013-07-17 13:50)

aero ka na gairo ka....
Rajputana h shero ka

rajput the great

(shailesh singh, 2013-07-12 17:33)

VEER RAJPUT

jadoun

(yogandera pal singh, 2013-06-16 14:12)

singh is kingh and

baki sab nathing

Re: jadoun

(Suraj sinh, 2013-07-01 10:52)

Baki Sab no thing bol k chalna acchchha nahi.Sab ko saath leke chalna chahiye. Jaha ham rahenge vaha kisi ko dar nahi ho na chahiye.Janta ko sath leke chalana chahiye.

Good Info...

(SURAJ SINGH BUNDELA, 2013-06-30 04:52)

Dear bro... please add name of another rajput who is a politician from Hospet in Karnataka.. who is the present Tourism Minister of that state.. Mr. Anand Singh... from Vijayanagara Constituency...

who is the best in world and worrior ,,,,,,,,,,, yes yes yes we are ,,,,,,,,the great rajput

(manish rathore, 2013-06-17 19:56)

PROUD OF INDIA RAJPUT'S

(KANAKSINH CHAVDA, 2013-06-17 13:28)

AAJ YE RAJPUT'S KA LIST DEKHA OR MENE SOCHHA KI AGAR IS DUNIYA ME RAJPUT NA HOTE TO YE RECORD KON BANATA AAJ YE DEKHAR KAR ME APANE RAJPUT SINHO PAR GARV KARTA HU JAY BHAVANI JAY MATAJI FROM GUJARAT RAJPUT SAMAJ

SINGH

(RAM SINGH, 2013-06-16 14:20)

MAIN PAWAR IS UNITY


GAGO YARO AB APNA NAMBER HAI

SHEKHAWAT

(LAL SINGH , 2013-06-16 14:17)

ME BHI AAP KE SATH HU
FROM BHIWADI

JADOUN

(ROHIT SINGH , 2013-06-16 14:14)

DON'T FIGHT KINGH
BEACOSE SINGH IS KING

EK RAHO OR AGE BADO

Thanks

(vikram dhakray, 2013-06-13 18:03)

thanks brother for this awsome collection

Great Rajput

(AWADHESH SINGH BHADOURIYA, 2013-06-11 14:00)

Hamein aapne samman aur swabhimaan ko kayam rakhna hai hai.......
ETHIHAASH GAWAHA HAI HAMNE KABHI SHEES NAHI JHUKAYA....

veer. rajput

(rana ravinder tanwar, 2013-05-19 19:14)

hum. shdav aap. k. sat h


« previous

1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13

next »